Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियां, विकास और देखà¤à¤¾à¤² | 6 Mahine Ke Shishu Ka Vikas
IN THIS ARTICLE
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिà¤?
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
मानसिक विकास
शारीरिक विकास
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगने चाहिà¤?
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना खाना आवशà¥à¤¯à¤• है?
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखेल और गतिविधियां
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता की आम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚
बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनà¥à¤¯ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
बेबी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› बातें
माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कैसे मदद कर सकते हैं?
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहिà¤?
इस महीने के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
अगर आपका शिशॠछह महीने का हो गया है, तो आपको उसमें कई तरह के बदलाव नजर आने लगेंगे। छह महीने का होते-होते शिशॠमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह के शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं। अब शिशॠमाता-पिता और अपने आस-पास रहने वाले लोगों को न सिरà¥à¤« पहचानने लगता है, बलà¥à¤•ि उनके साथ खेलने à¤à¥€ लगता है। साथ ही छह माह के शिशॠठोस पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ खाना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। इसके अलावा, 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों में à¤à¥€ कई तरह के परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम आपके छह महीने के शिशॠमें होने बदलावों और अनà¥à¤¯ बातों के बारे में जानकारी देंगे।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिà¤?
पहले कà¥à¤› महीनों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के वजन और हाइट में काफी बदलाव होते हैं। छठे महीने में बेबी गरà¥à¤² का सामानà¥à¤¯ वजन लगà¤à¤— 5.6 से लेकर 7.5 किलो तक और लंबाई करीब 65.7 सेंटीमीटर तक हो सकती है। वहीं, बेबी बॉय का सामानà¥à¤¯ वजन लगà¤à¤— 6.2 किलो से लेकर 8.2 किलो तक हो सकता है और लंबाई लगà¤à¤— 67.6 सेंटीमीटर तक हो सकती है (1)। यह डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ के विकास चारà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• औसत à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¤• औसत अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है। आपके बचà¥à¤šà¥‡ के वजन और लंबाई में थोड़ा बहà¥à¤¤ फरà¥à¤• हो सकता है। बाल रोग विशेषजà¥à¤ž गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिकॉरà¥à¤¡ को चेक करके देखेगा कि यह सामानà¥à¤¯ है या नहीं।
नोट : सà¤à¥€ शिशà¥à¤“ं की शारीरिक संरचना अलग-अलग होती है, इसलिठहर शिशॠके वजन और कद में कà¥à¤› अंतर हो सकता है। शिशॠका वजन और लंबाई काफी हद तक उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करती है। इस बारे में आपको अधिक जानकारी डॉकà¥à¤Ÿà¤° ही दे सकते हैं।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
जैसा कि आप जान ही चà¥à¤•े होंगे कि शिशॠजनà¥à¤® के à¤à¤•-दो महीने बाद से ही कà¥à¤› न कà¥à¤› नया सीखने लगते हैं। उनका सिरà¥à¤« शारीरिक ही नहीं, बलà¥à¤•ि मानसिक और यहां तक कि à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास à¤à¥€ होने लगता है। 6 महीने के शिशॠका विकास तो पहले के कà¥à¤› महीनों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक होने लगता है और वह कई और नई चीजें जानने लगता है। बता दें कि ये विकास à¤à¤• औसतन अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के तौर पर है। हर बचà¥à¤šà¥‡ की विकास कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ अलग-अलग हो सकती है। यह संà¤à¤µ हो सकता है कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ 6 महीने में विकास की सही कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ न कर सके। आमतौर पर 1-2 महीने की à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ देखी जा सकती है। वहीं, अगर 2 महीने से अधिक देरी हो जाती है, तो बाल रोग विशेषजà¥à¤ž से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानिठबचà¥à¤šà¥‡ से विकास से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी।
मानसिक विकास
चीजों को मà¥à¤‚ह में लेना – छठे महीने में शिशॠसामने पड़ी चीजों को मà¥à¤‚ह में लेना सीखने लगते हैं। इसलिà¤, इस दौरान माता-पिता को थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सावधान रहना चाहिठऔर शिशॠपर हर वकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, ताकि वो नीचे पड़ी चीजों को या खिलौनों को मà¥à¤‚ह में न ले सकें।
आवाजों की नकल करना – जब शिशॠ6 महीने का हो जाता है, तो वह अकà¥à¤¸à¤° आवाजों को सà¥à¤¨à¤•र उसकी नकल उतारने की कोशिश करने लगता है। कई बार तो वह अपने आस-पास लोगों को देखकर à¤à¥€ उनकी नकल उतारने की कोशिश करता है (2)।
नाम सà¥à¤¨à¤•र पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना – 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ अपने नाम को à¤à¥€ समà¤à¤¨à¥‡ और पहचानने लगते हैं। जब कोई उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके नाम से पà¥à¤•ारता है, तो वो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं (3)।
चीजों को लेकर उतà¥à¤¸à¥à¤• होना – इस उमà¥à¤° में शिशॠचीजों को लेकर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¥ होने लगते हैं। उनके सामने अगर कà¥à¤› रखा हो, तो वो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ छूने और पकड़ने की कोशिश करते हैं। साथ ही आस-पास रखी चीजों को देखने लगते हैं (3)।
आवाजें निकालने लगते हैं – 6 महीने के शिशॠतरह-तरह की धà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ निकालने लगते हैं (3), साथ ही मां, डाडा, बाबा जैसे शबà¥à¤¦ बोलने की कोशिश करने लगते हैं। इतना ही नहीं आइने में देखकर या खिलौनों की आवाज सà¥à¤¨à¤•र या उनके साथ खेलते हà¥à¤ वो अपनी à¤à¤¾à¤·à¤¾ में गाने की à¤à¥€ कोशिश करते हैं या तरह-तरह की आवाजें निकालने लगते हैं। यहां तक कि खà¥à¤¦ की आवाज सà¥à¤¨à¤•र à¤à¥€ खà¥à¤¶ हो जाते हैं। छह माह के शिशॠअपनी खà¥à¤¶à¥€ और दà¥à¤– को पà¥à¤°à¤•ट करने के लिठà¤à¥€ आवाजें निकालते हैं। वो रोने या चिलà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ लगते हैं, ताकि लोगों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ उनकी तरफ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ हो (2) (3)।
चीजों को पकड़ना और लोगों को देना – इस उमà¥à¤° में शिशॠन सिरà¥à¤« चीजों को पकड़ना सीखने लगते हैं, बलà¥à¤•ि अगर उनके हाथ में पकड़ी हà¥à¤ˆ चीज को मांगा जाà¤, तो वो देना à¤à¥€ सीखने लगते हैं। इतना ही नहीं, अगर उनके हाथ में पकड़ी हà¥à¤ˆ चीज गिर जाà¤, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पता होता है कि उसे उठाना à¤à¥€ है (3)।
शारीरिक विकास
रंगों में फरà¥à¤• करना – 6 महीने में शिशॠकी आंखों में à¤à¥€ बदलाव होने लगता है यानी उनकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ तेज होने लगती है। वो दो रंगों के बीच अंतर समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं और उनके सामने अगर कोई रंग-बिरंगी किताब या खिलौने हों, तो वो लगातार कई देर तक उनको देखना पसंद करते हैं (4)।
आंखों और हाथ के बीच तालमेल – छठे महीने में शिशॠके आंख और हाथ का तालमेल बैठने लगता है। वो जिन चीजों को देखते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़ने की à¤à¥€ कोशिश करते हैं, à¤à¤²à¥‡ ही वो वसà¥à¤¤à¥ न हिले (4)।
सà¤à¥€ उंगलियों के साथ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को पकड़ना – छठे महीने में शिशॠछोटी वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को अपनी सारी उंगलियों के साथ पकड़ना सीख जाते हैं। अगर आपका शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो आप गौर करेंगे कि आपका शिशॠधीरे-धीरे बोतल पकड़ना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है (5)।
बिना सहारे के बैठना – 6 महीने में शिशॠकी मांसपेशियां और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत होने लगती है और वो बिना किसी सहारे के बैठना सीखने लगते हैं। यहां तक कि वो सिर को सीधा करना à¤à¥€ सीखने लगते हैं और जब वो पेट के बल लेटते हैं या किसी के गोद में जाते हैं, तो सिर को सीधा रखने की कोशिश करने लगते हैं और गरà¥à¤¦à¤¨ को इधर-उधर घà¥à¤®à¤¾à¤•र आस-पास की चीजों को à¤à¥€ देखने लगते हैं (3) (2)।
दांत आना – छठे महीने में शिशॠको दांत आने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं (2) (6), इसी कारण उनके मसूड़ों में सिहरन होनी शà¥à¤°à¥‚ होती है और वो चीजों को काटना à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ करने लगते हैं। वहीं, à¤à¤• सामानà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‡ के दांत निकलने में 13 महीने तक की देरी हो सकती है। अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ के दांत 6 महीने में नहीं निकलते हैं, तो चिंता की बात नहीं है। शिशॠके दांत निकलने के लिठआप और 6 से 7 महीने तक का इंतजार कर सकते हैं।
हलà¥à¤•े-फà¥à¤²à¥à¤•े ठोस आहार के लिठतैयार – जैसा कि हमने ऊपर बताया कि छठे महीने में शिशॠको दांत आने लगते हैं, लेकिन इसी के साथ उसकी पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ पहले के मà¥à¤•ाबले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मजबूत हो जाती है। इसलिà¤, शिशॠको मां के दूध के साथ-साथ ठोस आहार देने की à¤à¥€ जरूरत होती है। à¤à¤¸à¥‡ में जब कोई उनके सामने कà¥à¤› खाता है, तो वो à¤à¥€ खाने के लिठउतà¥à¤¸à¥à¤•ता दिखाने लगते हैं (7)। इसके अलावा, अगर 6 महीने में बचà¥à¤šà¥‡ के दांत न आठहों, तो à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ थोड़ा-बहà¥à¤¤ ठोस आहार दिया जा सकता है। 6 महीने से बचà¥à¤šà¥‡ को मां के दूध के साथ-साथ पूरक आहार की à¤à¥€ जरूरत होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पोषण मिलता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे आपका शिशॠहलà¥à¤•े-फà¥à¤²à¥à¤•े ठोस आहार के लिठतब ही तैयार होगा, जब वो अपने गरà¥à¤¦à¤¨ और सिर को सही तरीके से कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर बैठना सीखने लगे। हालांकि, शिशॠको ठोस आहार देने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ à¤à¤• बार जरूर बात करें और शिशॠको कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना है और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं उसका à¤à¤• आहार चारà¥à¤Ÿ à¤à¥€ लें (8)।
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
परिचित लोगों के पास और अजनबी से दूरी – 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ अपने आस-पास रहने वाले लोगों को पहचानने लगते हैं। अपने माता-पिता और घर के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को दूर से ही पहचानने लगते हैं, लेकिन वहीं किसी अनजान वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को देखकर घबरा जाते हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखकर डर जाते हैं और रोने लगते हैं (3)।
माता-पिता के साथ खेलना – शिशॠमाता-पिता के साथ खेलना और वकà¥à¤¤ बिताना पसंद करने लगते हैं (3)। कई बचà¥à¤šà¥‡ तो अगर पूरे दिन के बाद अपने पिता को देखते हैं, तो खिलखिलाकर खेलने के लिठइशारा à¤à¥€ करते हैं।
दूसरों के à¤à¤¾à¤µ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना – 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ दूसरों के हाव-à¤à¤¾à¤µ पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना सीखने लगते हैं। अगर उनके सामने कोई खà¥à¤¶ है, तो वो à¤à¥€ अपने हाव-à¤à¤¾à¤µ से खà¥à¤¶à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करेंगे (3), लेकिन अगर कोई दà¥à¤–ी है खासकर वो जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वो पहचानते हैं, तो वो à¤à¥€ दà¥à¤–ी हो जाते हैं और रोने लगते हैं। अगर उनके पास बैठा कोई बचà¥à¤šà¤¾ रो रहा हो, तो वो à¤à¥€ रोना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं।
आगे हम आपको 6 महीने के शिशॠको लगाठजाने वाले टीकों की जानकारी देंगे।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगने चाहिà¤?
अगर छठे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² की बात करें, तो इसमें शिशॠका टीकाकरण होना जरूरी है। 6 महीने के शिशॠका विकास सही से हो, उसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सही वकà¥à¤¤ पर सही टीकाकरण कराना बहà¥à¤¤ ही आवशà¥à¤¯à¤• है, ताकि बीमारियों से उनका बचाव हो सके। इसलिà¤, नीचे हम आपको 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगवाने चाहिà¤, उसके बारे में बता रहे हैं (9)।
नोट : इस उमà¥à¤° में टीकाकरण इस बात पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है कि पहले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कौन से टीके लग चà¥à¤•े हैं। अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कॉमà¥à¤¬à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ टीके लग रहे हैं, तो 6 महीने पर हेपेटाइटिस बी की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पहले ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह टीका लग चà¥à¤•ा हो सकता है। अगर नहीं, तो हेपेटाइटिस बी के टीके की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। इस उमà¥à¤° में à¤à¥€ इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ की पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• दी जाती है। इन टीकों के बारे में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° या विशेषजà¥à¤ž से और अधिक जानकारी मिल जाà¤à¤—ी।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम बता रहे हैं कि 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध जरूरी है।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
शिशॠजैसे-जैसे बड़ा होता है, उसकी à¤à¥‚ख और खाने-पीने की आदतें à¤à¥€ बदलने लगती हैं। 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¥€ दूध पीने की आदतों में बदलाव होने लगता है। इसलिà¤, नीचे हम आपको 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है, उस बारे में जानकारी दे रहे हैं।
मां का दूध – यह तो लगà¤à¤— सà¤à¥€ जानते हैं कि 6 महीने तक शिशॠके लिठमां का दूध ही जरूरी होता है, लेकिन छठे महीने में शिशॠको हलà¥à¤•े-फà¥à¤²à¥à¤•े ठोस आहार à¤à¥€ देना जरूरी होता है। इस दौरान, शिशॠको औसतन 700 से 800 à¤à¤®à¤à¤² पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ मां के दूध की जरूरत होती है (10)। कà¥à¤› शिशॠइससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम दूध à¤à¥€ पी सकते हैं। यह पूरी तरह से उसकी à¤à¥‚ख व गतिविधियों पर निरà¥à¤à¤° करता है।
अगर आपका शिशॠदूध पीने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उतà¥à¤¸à¥à¤•ता न दिखाà¤, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह के बाद उसे थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में ठोस आहार à¤à¥€ देना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं (11)।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध : अगर आप अपने शिशॠको किनà¥à¤¹à¥€à¤‚ कारणों से फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दे रहे हैं, तो à¤à¤¸à¥‡ में 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को दिनà¤à¤° में करीब 800 à¤à¤®à¤à¤² तक फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दिया जा सकता है (12)।
आगे हम आपको शिशॠके ठोस आहार के बारे में जानकारी देंगे।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना खाना आवशà¥à¤¯à¤• है?
6 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ धीरे-धीरे ठोस आहार के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपनी जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने लगता है। साथ ही उसका पाचन तंतà¥à¤° इतना विकसित हो जाता है कि ठोस आहार को हजम कर सके। à¤à¤¸à¥‡ में 6 महीने में शिशॠको मां के दूध के साथ-साथ सॉलिड फूड à¤à¥€ दिया जा सकता हैं। à¤à¤• बार में आपका बचà¥à¤šà¤¾ जितना खाà¤à¤—ा वह आपके बचà¥à¤šà¥‡ की मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी के आकार के बराबर हो सकता है। ठोस आहार निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार से हो सकता है (13) :
अनाज : पूरे दिन में 4 से 8 चमà¥à¤®à¤š या कà¤à¥€-कà¤à¥€ उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥€ दे सकते हैं।
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की पà¥à¤¯à¥‚री – 4 से 8 चमà¥à¤®à¤š
फलों की पà¥à¤¯à¥‚री – 4 से 8 चमà¥à¤®à¤š
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ – 1 से 6 चमà¥à¤®à¤š
पानी – आधे से à¤à¤• कप या 125ml से 250ml तक दे सकते हैं।
नोट : ये सब देने से पहले à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर पूछ लें।
शिशॠको पहली बार ठोस आहार देते समय इन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना à¤à¥€ जरूरी है (12) (14) :
जब शिशॠकिसी नठठोस आहार का सेवन करना शà¥à¤°à¥‚ करें, तो à¤à¤• वकà¥à¤¤ में à¤à¤• ही तरह का खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ दें, न कि कई सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का मिशà¥à¤°à¤£à¥¤ जो नया खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ को दिया जा रहा है, उसे ही तीन से चार दिन दें। इससे आपको पता चल जाà¤à¤—ा कि यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ को सूट कर रहा है या नहीं।
मां का दूध आयरन का समृदà¥à¤§ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ नहीं होता, इसलिठशिशॠके लिठआयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ अनाजों का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें। इसे आप बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥à¤• में मिलाकर सेवन करा सकते हैं।
शिशॠको शहद न दें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शहद में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकते हैं, जो आपके शिशॠके लिठघातक साबित हो सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को हर तरह के पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार खिलाने की आदत डालें।
आगे हम आपको 6 महीने के शिशॠकी नींद के बारे में जानकारी देंगे।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
à¤à¤²à¥‡ ही शिशॠजनà¥à¤® के बाद कई घंटे सोता हो, लेकिन धीरे-धीरे विकास होने के साथ-साथ उसकी नींद की आदतों में à¤à¥€ बदलाव होने लगता है। जब शिशॠ6 महीने का होता है, तो उसकी नींद की अवधि पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने लगती है। 6 महीने के शिशॠको रात में 6 से 8 घंटे तक की नींद की जरूरत होती है (2)। इसके अलावा, वह पूरे दिन में à¤à¤•-दो बार कà¥à¤›-कà¥à¤› घंटों की à¤à¤ªà¤•ी ले सकता है। यह पूरी तरह से शिशॠकी आदतों व गतिविधियों पर निरà¥à¤à¤° करता है।
लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में हम इसी बारे में आपको बताà¤à¤‚गे।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखेल और गतिविधियां
6 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ काफी फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¤¾ हो जाता है और खेलने व अनà¥à¤¯ गतिविधियों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिलचसà¥à¤ªà¥€ दिखाने लगता है। इसलिà¤, नीचे हम आपको 6 महीने की उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों के बारे जानकारी दे रहे हैं।
जब शिशॠ6 महीने का हो जाता है, तो वो लोगों को देखकर उनकी नकल करना सीखने लगता है। अगर उसके सामने कोई ताली बजाà¤, तो वो ताली बजाने की कोशिश करता है। अगर वह कोई गाना सà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है, तो खà¥à¤¶à¥€ से ताली बजाने लगता है।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ अपने माता-पिता और हमेशा साथ रहने वाले लोगों को पहचानने लगते हैं। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उनके साथ आप लà¥à¤•ा-छिपी à¤à¥€ खेल सकते हैं। लà¥à¤•ा-छिपी से हमारा मतलब यह है कि आप अपने चेहरे को कपड़े से ढक लें और शिशॠके सामने छà¥à¤ªà¤¨à¥‡ का नाटक करें। à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠआपके चेहरे से कपड़ा हटाने की कोशिश करेंगे और खिलखिलाकर खेल का आनंद लेंगे।
छठे महीने में शिशॠरंगों में अंतर समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप उनके सामने रंग-बिरंगी कारà¥à¤Ÿà¥‚न वाली किताबें रखें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कहानियां à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚। बचà¥à¤šà¥‡ के सामने किताबें पढ़ना जलà¥à¤¦à¥€ शà¥à¤°à¥‚ किया जाना चाहिà¤, à¤à¤²à¥‡ ही आपका बचà¥à¤šà¤¾ कोई दिलचसà¥à¤ªà¥€ न दिखाà¤à¥¤ यह आगे चलकर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पढ़ने की आदतों के विकास में मदद कर सकता है।
उनके सामने चलने वाले खिलौने व गेंद रखें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़ने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें।
शिशॠको गाने सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ लगने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में आप उनके सामने गाना चला सकते हैं। कई बार तो शिशॠखà¥à¤¶ होकर बैठे-बैठे ही उछलने लगते हैं।
आप शिशॠको आईने के सामने ले जाकर à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खेलने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ कर सकते हैं। शिशॠआईने में अपने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब को देखकर खà¥à¤¶ हो जाते हैं और खेलते-खेलते कई तरह की आवाजें à¤à¥€ निकालने लगते हैं।
शिशॠके साथ बात करें, इससे वो खà¥à¤¶ होकर अपने तरीके से आप से बात करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करेंगे।
उनके सामने कà¥à¤› बरà¥à¤¤à¤¨ या डिबà¥à¤¬à¥‡ रख दें और उनके हाथ में पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• का कोई डंडा थमा दें। à¤à¤¸à¤¾ करने से वो उन डिबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ और बरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर मारने लगेंगे और उससे निकलने वाली ढप-ढप की आवाज से उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ à¤à¥€ होंगे।
नोट : शिशॠकी इन गतिविधियों के दौरान धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि माता-पिता उनके साथ ही रहें, ताकि खेलने के दौरान उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चोट न लगे।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता की आम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ होती हैं?
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता की आम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚
6 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ कई सारी चीजें करने लगता है जैसे – खेलना, ठोस आहार का सेवन करना, उछलना आदि। à¤à¤¸à¥‡ में कई बार उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ होने लगती हैं। यहां हम 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के बारे में बता रहे हैं, जिन पर माता-पिता को समय रहते धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤
बà¥à¤–ार – कà¤à¥€-कà¤à¥€ मौसम में बदलाव के कारण शिशॠके शरीर के तापमान में उतार-चà¥à¤¾à¤µ हो सकते हैं। अगर बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर का तापमान 99.5 F है, तो मतलब उसे फीवर है। शिशà¥à¤“ं के मà¥à¤‚ह में थरà¥à¤®à¤¾à¤®à¥€à¤Ÿà¤° न लगाà¤à¤‚ बलà¥à¤•ि उनके बगल में थरà¥à¤®à¤¾à¤®à¥€à¤Ÿà¤° लगाà¤à¤‚।
डायरिया – छठे महीने में शिशॠजो à¤à¥€ देखता है, उसे मà¥à¤‚ह में लेने लगता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कई बार शिशॠको à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण दसà¥à¤¤ और उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर शिशॠको बार-बार उलà¥à¤Ÿà¥€ या पेट खराब की परेशानी हो रही है, तो बिना देर करते हà¥à¤ उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
कान में दरà¥à¤¦ – कई बार शिशॠके कान में गंदगी जम जाने से या पानी चले जाने से कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। आमतौर पर à¤à¤¸à¤¾ उन शिशà¥à¤“ं में देखा जाता है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बिसà¥à¤¤à¤° पर लेटते समय बोतल से दूध पिलाया जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠअसहज या रोने लग सकता है। अगर à¤à¤¸à¤¾ होता है, तो समठजाà¤à¤‚ कि आपको बचà¥à¤šà¥‡ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप कराने की जरूरत है।
लगातार रोना – अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤› खा नहीं रहा, दूध नहीं पी रहा, ठीक से सो नहीं रहा है और लगातार रो रहा है, तो समठजाठकि उसे कà¥à¤› शारीरिक तकलीफ है। उसे पेट दरà¥à¤¦, शरीर में दरà¥à¤¦ या अनà¥à¤¯ कोई परेशानी हो सकती है।
लेख के इस à¤à¤¾à¤— में जानिठ6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› अनà¥à¤¯ जानकारियां।
बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनà¥à¤¯ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ देख सकता है?
छठे महीने में शिशॠकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और तेज हो जाती है और वो दूर तक देखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखता है। इसके अलावा, शिशॠरंगों में अंतर à¤à¥€ समà¤à¤¨à¥‡ लगता है। साथ ही चलती हà¥à¤ˆ चीजों जैसे – गेंद या खिलौनों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है। इतना ही नहीं उनके हाथों और आंखों के बीच तालमेल में à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° होने लगता है और वो चलती हà¥à¤ˆ चीजों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़ सकता है (4)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¨ सकता है?
अब आपका शिशॠहर तरह की आवाजों को सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखता है। साथ ही अगर आप कà¥à¤› बोलते हैं, तो कà¥à¤› शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को सà¥à¤¨à¤•र समà¤à¤¨à¥‡ की कोशिश करता है। यहां तक कि कà¥à¤› आवाजों को सà¥à¤¨à¤•र उसकी नकल उतारने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ करता है (4)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरे बचà¥à¤šà¤¾ सूंघ और सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को महसूस कर सकता है?
छठे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ ठोस आहार का सेवन करना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं। हालांकि, शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में शिशà¥à¤“ं को दूध के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के अलावा कोई सà¥à¤µà¤¾à¤¦ पता नहीं होता है। à¤à¤¸à¥‡ में जितना हो सके बचà¥à¤šà¥‡ को कोई à¤à¥€ शà¥à¤—र या शà¥à¤—र पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ देने से बचें। इसके अलावा, कम से कम 10 महीने की उमà¥à¤° तक किसी à¤à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में नमक यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ न दें। इसके अलावा, उनकी सूंघने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ बà¥à¤¨à¥‡ लगती है और वो अचà¥à¤›à¥€ व खराब गंध में फरà¥à¤• समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं।
आगे जानिठछठे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ को साफ-सà¥à¤¥à¤°à¤¾ रखने के कà¥à¤› टिपà¥à¤¸à¥¤
बेबी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› बातें
शिशॠके बेहतर विकास में उनकी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का à¤à¥€ बड़ा योगदान होता है। अगर शिशॠसाफ-सà¥à¤¥à¤°à¥‡ रहेंगे, तो बीमार नहीं होंगे। नीचे हम इसी संबंध में कà¥à¤› खास बातें आपको बता रहे हैं :
नहाना – शिशॠको नियमित तौर पर नहलाà¤à¤‚। अगर मौसम ठंडा है और आप रोज नहीं नहला सकते, तो कम से कम उनके शरीर को गरà¥à¤® या गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में à¤à¥€à¤—े तौलिठसे पोंछ दें।
मà¥à¤‚ह की सफाई – मसूड़ों की मालिश या दांतों को साफ करने के लिठपेसà¥à¤Ÿ के बिना नरम सिलिकॉन फिंगर बà¥à¤°à¤¶ का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर उनके दांत निकल गठहैं, तो खासतौर पर दूध पिलाने के बाद साफ करें। इस तरह से बचà¥à¤šà¥‡ को दांतों को जलà¥à¤¦à¥€ बà¥à¤°à¤¶ करने की आदत पड़ जाती है और बड़े होने के बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने दांतों को बà¥à¤°à¤¶ करने में परेशानी नहीं होती है। इसके साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° के पहले साल में कम से कम à¤à¤• बार बाल रोग डेंटिसà¥à¤Ÿ से बचà¥à¤šà¥‡ के दांतों का चेकअप जरूर कराà¤à¤‚।
आंखों की देखà¤à¤¾à¤² – शिशॠके आंखों की देखà¤à¤¾à¤² के लिठसà¥à¤¬à¤¹ नरà¥à¤® तौलिठको पानी में à¤à¤¿à¤—ोकर या फिर वाइपà¥à¤¸ की मदद से आंखों को साफ करें, ताकि गंदगी निकल जाà¤à¥¤
नैपी का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें – थोड़ी-थोड़ी देर में शिशॠके नैपी को चेक करते रहें। अगर शिशॠका डायपर गीला हो गया है, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त बदल दें, ताकि शिशॠको रैशेज न हो। डायपर पहनाने से पहले शिशॠके गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚गों को अचà¥à¤›à¥‡ से पोंछे और कà¥à¤°à¥€à¤® लगाà¤à¤‚, ताकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£ या रैशेज न हो जाà¤à¥¤
नाखून काटे – बड़ों की तरह शिशॠके à¤à¥€ नाखून बà¥à¤¤à¥‡ हैं, इसलिठउन पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। अगर नाखून बड़े हो जाà¤à¤‚, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ काटे ताकि नाखूनों में जमी गंदगी से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£ या नाखूनों से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खरोंच न लगे।
खिलौनों और घर को साफ रखें – 6 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ चीजों को मà¥à¤‚ह में लेना सीखने लगता है, à¤à¤¸à¥‡ में उनके खिलौनों को साफ रखें, ताकि अगर वो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤‚ह में लें, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£ न हो। घर को साफ रखें, ताकि वो नीचे पड़ी गंदगी को मà¥à¤‚ह में न ले सकें। इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ न सिरà¥à¤« संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है, बलà¥à¤•ि उनके गले में à¤à¥€ अटकने का डर होता है।
आगे जानिठमाता-पिता शिशॠके विकास में कैसे अपना योगदान दे सकते हैं।
माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कैसे मदद कर सकते हैं?
शिशॠके सही विकास के लिठसबसे जरूरी है माता-पिता का योगदान। नीचे हम उसी के बारे में कà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ दे रहे हैं :
शिशॠके साथ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ बिताà¤à¤‚।
उनके साथ खेलें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ ले जाà¤à¤‚।
उनके सामने रंग-बिरंगी किताबें रखें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कहानियां व लोरी सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚।
उनके साथ बात करें, ताकि वो à¤à¥€ बातें सà¥à¤¨à¤•र अपने तरीके से बोलने की कोशिश करें।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ के मनोरंजन के लिठमोबाइल, टीवी या किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ का उपयोग न करें। खासतौर पर जब आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाना खिला रही हों।
आगे हम आपको 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ में होने वाले कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं, जिससे माता-पिता को सावधान रहना चाहिà¤à¥¤
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहिà¤?
अगर शिशॠमें निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚, तो यह चिंता का विषय है (15):
अगर आपका शिशॠचीजों को लेकर जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¥ नहीं है और सà¥à¤¸à¥à¤¤ है।
अगर वह हंस-बोल नहीं रहा है।
अगर परिचित चेहरे को देखकर कोई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं देता है।
अगर चीजों को पकड़ने या à¤à¤• हाथ से दूसरे हाथ में देने में असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ हो रही हो।
अगर सहारे के बावजूद बैठनहीं पा रहा हो।
अगर वो पूरे दिन रो रहा हो।
अगर वो ठीक से सो नहीं रहा हो।
अगर ठोस आहार खाने में असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ हो रही हो।
इस महीने के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ
छठे महीने के शिशॠके लिठमाता-पिता को à¤à¤• चेकलिसà¥à¤Ÿ तैयार रखनी चाहिà¤, ताकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠके बेहतर विकास का पता चले।
शिशॠको जरूरी वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ दिलवाना और नियमित रूप से डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप कराना।
शिशॠको ठोस आहार देने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह-परामरà¥à¤¶ करके डाइट चारà¥à¤Ÿ बनाना।
पानी कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में देना है, इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछना।
6 महीने के हिसाब से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ खिलौने रखना।
शिशॠके कपड़े, डायपर और साफ-सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना।
इस लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में हम माता-पिता दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवालों के जवाब देंगे।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता लगेगा कि मेरा बेबी ठोस à¤à¥‹à¤œà¤¨ के लिठतैयार है?
इसके कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं, जिससे आपको पता चल सकेगा कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ ठोस आहार के लिठतैयार है या नहीं। नीचे हम इनके बारे में आपको बता रहे हैं (8) :
जब आपका शिशॠअपनी गरà¥à¤¦à¤¨ और सिर को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने लगे।
जब आप शिशॠको चमà¥à¤®à¤š से दूध पिलाà¤à¤‚ या कà¥à¤› खिलाà¤à¤‚ और वह खाने को बाहर न धकेले।
अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ किसी और को खाते देख उसकी तरफ जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करे।
कà¥à¤¯à¤¾ 6 महीने की उमà¥à¤° में बेबी वॉकर का उपयोग कर सकता है?
नहीं, बेबी वॉकर से कà¥à¤› खास फायदा नहीं होता, बलà¥à¤•ि शिशॠके गिरने का डर व अनà¥à¤¯ जोखिम बॠजाते हैं (16)। इसलिà¤, बेबी वॉकर की सलाह नहीं दी जाती है।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकौन से खिलौने अचà¥à¤›à¥‡ हैं?
आप अपने शिशॠके लिठमà¥à¤¯à¥‚जिकल खिलौने, जिनमें लौरी या कविता बजे, सॉफà¥à¤Ÿ बॉल, घूमने या चलने वाले खिलौने ले सकते हैं। इसके अलावा à¤à¥€ बाजार में कई सारे खिलौने उपलबà¥à¤§ हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के बीमार होने पर à¤à¥€ टीकाकरण करवाया जा सकता है?
अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को हलà¥à¤•ा-फà¥à¤²à¥à¤•ा बà¥à¤–ार या सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम है, तो आप उसका टीकाकरण न करवाà¤à¤‚। à¤à¤• बार शिशॠजब ठीक हो जाà¤, तो उसके बाद टीकाकरण करवाया जा सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |